सीवान: बिहार के सीवान जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में नामांकन पंजी (Enrollment Register) और उपस्थिति पंजी (Attendance Register) को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला शिक्षा विभाग ने सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
पुराने और नए सभी रिकॉर्ड होंगे स्कैन
जारी निर्देश के अनुसार, केवल वर्तमान शैक्षणिक सत्र ही नहीं, बल्कि पूर्व के वर्षों के नामांकन और उपस्थिति रजिस्टर भी स्कैन कर डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जाएंगे। इसकी एक प्रति विद्यालय में रखने के साथ-साथ संबंधित सीआरसीसी (CRCC) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) कार्यालय को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, 20 जुलाई को किशोर न्याय परिषद में आयोजित समन्वय बैठक के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था। बैठक में बताया गया कि गंभीर आपराधिक मामलों की जांच के दौरान कई बार स्कूलों के नामांकन और उपस्थिति रजिस्टरों में ओवरराइटिंग और रिकॉर्ड में बदलाव की शिकायतें मिली थीं, जिससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसी वजह से सभी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया।
8 अगस्त तक जमा करनी होगी डिजिटल कॉपी
शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे विद्यालय के सभी नामांकन और उपस्थिति रजिस्टरों को स्कैन कर उनकी डिजिटल कॉपी तैयार करें और 8 अगस्त तक संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। विद्यालय स्तर पर भी इन रिकॉर्ड्स का सुरक्षित डिजिटल बैकअप रखना अनिवार्य होगा।
क्या होगा फायदा?
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से विद्यालयों के दस्तावेज अधिक सुरक्षित रहेंगे और भविष्य में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, रिकॉर्ड गुम होने या विवाद की स्थिति में मूल जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही छात्रों के नामांकन और उपस्थिति से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन भी पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी होगा।
निर्देश नहीं मानने पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, संकुल समन्वयकों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को विद्यालय निरीक्षण के दौरान इसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।